Akhi alamgir xxx photo No credit card cheap sex chat

I could hear Sue giggling as they both rushed into the kitchen. She instructed me as to how she liked it, then remained chatting for a while before returning to the party with me. I smiled at Jane, knowing that she had seen them too, and asked her to dance. Her blouse was pulled open now and I could see that both tits were uncovered. Jim was already ramming her cunt as hard as he could. Soon after that Jim pulled his dick out of Sue’s mouth, squirting some of his stuff onto her face, but aiming most of it onto her tits too. He found out she was not wearing knickers but neither of them got to fuck her. John promised me an invite to his next party, just before we left.I did manage a quick feel of one of Jane’s tits, before she moved on to dance with someone else. John managed to hang on until they had both finished before pulling out and aiming his juice onto her tits as well, but in his case the last few spurts landed on her belly. He must have seen the guy groping my wife’s tit as the couple continued kissing. I told her that I was fine with it, and tried to make her believe me by telling her that the reason I wanted to come to the party was because Charles had told me that she had great tits and that I was hoping to see them. When I came out, John was stood by the open doorway to the bedroom. I could see that the lips of her cunt were gaping open, and she was very wet. Jim took hold of her hand and steered it onto his dick. Sue grabbed hold of his naked dick as soon as it became free. He pushed it into her, penetrating her without difficulty up to the hilt. He had taken his own dick out and was offering it to Sue. Now that John’s dick was being neglected, he moved back down to the foot of the bed and tapped Jim on the shoulder. John took his place between her legs and slowly slid his dick into her very ready cunt. Sue deserted the new dick and took Jim’s dick into her mouth, no doubt sucking her own cunt juice from it as she took as much of it as she could into her mouth.They only broke off when they heard him speak to me. Jane laughed, then lifted up the front of her blouse to show them to me. I started to move towards her, wanting to touch them, but Jane pulled her shirt back down and ordered me to mix her a drink. John watched for a while, then knelt between her thighs, pushing Jim’s hand away. Jim was kissing Sue’s mouth, really hard and squeezing one of her tits again. She was pulling it, not wanking it, pulling it towards her cunt. She grabbed hold of it and pulled it towards her mouth, sucking the head between her lips, allowing him to fuck her mouth with it. Charles took over wanking his own dick, quite quickly cumming and squirting his stuff onto Sue’s tits. आह ओर तेज या …” कनिका मस्त हुई बड़बड़ा रही थी।अब उसने अपने पैर ऊपर उठा कर मेरी कमर के गिर्द लपेट लिए थे। मैंने भी उसका सिर अपने हाथों में पकड़ कर अपने सीने से लगा लिया और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। जैसे ही मैं ऊपर उठता तो वो भी मेरे साथ ही थोड़ी सी ऊपर हो जाती और जब हम दोनों नीचे आते तो पहले उसके नितम्ब गद्दे पर टिकते और फिर गच्च से मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में समां जाता। वो तो मस्त हुई आह उईई माँ. मैं तो कब की इस अमृत की प्यासी थी। बस तुमने ही देर कर रखी थी ! तुम भी कितने लल्लू हो। तुम क्या सोचते हो मुझे कुछ नहीं पता ? ”“मुझे सब पता है तुम मुझे नहाते हुए और मूतते हुए चुपके चुपके देखा करते हो और मेरा नाम ले ले कर मुट्ठ भी मारते हो ? नमकीन सा नारियल पानी सा खट्टा सा स्वाद मेरी जबान पर लगा और मेरी नाक में जवान जिस्म की एक मादक महक भर गई। मैंने अपनी जीभ को थोड़ा सा नुकीला बनाया और उसके छोटे से टींट (मदनमणि) पर टिका दिया। उसकी तो एक किलकारी ही निकल गई। अब मैंने ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर जीभ फिरानी चालू कर दी। उसने कस कर मेरे सिर के बालों को पकड़ लिया। वो तो सीत्कार पर सीत्कार किये जा रही थी।बुर के छेद के नीचे उसकी गांड का सुनहरा छेद उसके कामरज से पहले से ही गीला हो चुका था। अब तो वो भी खुलने और बंद होने लगा था। कनिका आंह … भाई मैं तो मर गई रे ….” कनिका के मुंह से निकला “ओह …

”“क्यों ना बनूँ आखिर खानदान का असर मुझ पर भी आएगा ही ना ?

तुम तो केवल सोलह साल की ही थी जब हमारी शादी हुई थी और मैंने तो सुहागरात में ही तुम्हारी गांड भी मार ली थी ! ”“अरे तुमने भी तो अपने जीजा और भाई से चुदवाया था ना और गांड भी तो मरवाई थी ना ? तुम उसके मज़े लो और मैं कनिका की सील तोड़ने का मजा ले लूँगा ! या जिस किसान ने इतने प्यार से फसल तैयार की है उसे उस फसल के अनाज को खाने का हक नहीं मिलना चाहिए ? ” मैंने उसका बाजू पकड़ा और सीढ़ियों से नीचे ले आया और हम बिना कोई आवाज किये उसी खिड़की के पास आ गए। अन्दर का दृश्य देख कर तो कनिका की आँखें फटी की फटी ही रह गई। अगर मैंने जल्दी से उसका मुंह अपनी हथेली से नहीं ढक दिया होता तो उसकी चीख ही निकल जाती। मैंने उसे इशारे से चुप रहने को कहा। वो हैरान हुई अन्दर देखने लगी।मामी घोड़ी बनी फर्श पर खड़ी थी और अपने हाथ बेड पर रखे थे। उनका सिर बेड पर था और नितम्ब हवा में थे। मामा उसके पीछे उसकी कमर पकड़ कर धक्के लगा रहे थे। उन 8 इंच का लंड मामी की गांड में ऐसे जा रहा था जैसे कोई पिस्टन अन्दर बाहर आ जा रहा हो। मामा उनके नितम्बों पर थपकी लगा रहे थे। जैसे ही वो थपकी लगाते तो नितम्ब हिलने लगते और उसके साथ ही मामी की सीत्कार निकलती,”हाईई और जोर से मेरे राजा और जोर से आज सारी कसर निकाल लो और जोर से मारो मेरी गांड बहुत प्यासी है ये हाईई …”“ले मेरी रानी और जोर से ले … छोटे छोटे झांटों से ढकी उसकी बुर तो कमाल की थी। नीम गीली। मैंने धीरे से एक अंगुली से उसके नर्म नाज़ुक छेद को टटोला। वो तो चुदाई देखने में इतनी मस्त थी कि उसे तो तब ध्यान आया जब मैंने गच्च से अपनी अंगुली उसकी बुर के छेद में पूरी घुसा दी।“उईई माँ ….” उसके मुंह से हौले से निकला। “ओह … ” उसने मेरी ओर देखा। उसकी आँखें बोझिल सी थी और उनमें लाल डोरे तैर रहे था। मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसके होंठों को चूम लिया।हम दोनों ने देखा कि एक पुच्क्क की आवाज के साथ मामा का लंड फिसल कर बाहर आ गया और मामी बेड पर लुढ़क गई। अब वहाँ रुकने का कोई मतलब नहीं रह गया था। हम एक दूसरे की बाहों में सिमटे वापस छत पर आ गए।“कनिका ? ”कनिका मेरी ओर मुंह बाए देखे जा रही थी। उसे ये सब सुनकर बड़ी हैरानी हो रही थी ” नहीं भाई तुम झूठ बोल रहे हो ?

तुम तो बस नई नई चूतों के पीछे पड़े रहते हो मेरा तो जरा भी ख़याल नहीं है तुम्हें ? ”“अच्छा चलो एक बात बताओ जिस माली ने पेड़ लगाया है क्या उसे उस पेड़ के फल खाने का हक नहीं होना चाहिए ? ”मैंने धीरे धीरे कनिका के वक्ष मसलने शुरू कर दिए। वो तो अपने मम्मी पापा की इस अनोखी रासलीला देख कर मस्त ही हो गई थी। मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में भी डाल दिया। उफ़ … ”कनिका के होंठ और जबान कांप रही थी। उसकी आँखों में एक नई चमक थी। आज से पहले मैंने कभी उसकी आँखों में ऐसी चमक नहीं देखी थी। मैंने फिर उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठ चूसने लगा। उसने भी बेतहाशा मुझे चूमना शुरू कर दिया। मैंने धीरे धीरे उसके स्तन भी मसलने चालू कर दिए। जब मैंने उसकी पेंटी पर हाथ फिराया तो उसने मेरा हाथ पकड़ते कहा,”नहीं भाई… तुम नहीं जानती कनिका तुम्हारा ये जो बाप है अपनी बहन, भाभी, साली और सलहज सभी को चोद चुका है और ये तुम्हारी मम्मी भी कम नहीं है। अपने देवर, जेठ, ससुर, भाई और जीजा से ना जाने कितनी बार चुद चुकी है और गांड भी मरवा चुकी है ?

”“पर उसकी तो अभी नई नई शादी हुई है वो भला कैसे तैयार होगी ? ”“बात तो तुम ठीक कह रहे हो, पर अविनाश नहीं मानेगा ? ”“उसे मेरी इस चुदी चुदाई भोसड़ी में भला क्या मज़ा आएगा ?

”और फिर मामी ने मामा का मुरझाया लंड अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी। मैं उनकी बातें सुनकर इतना उत्तेजित हो गया था कि मुट्ठ मारने के अलावा मेरे पास अब कोई और रास्ता नहीं बचा था। मैं अपना 7 इंच का लंड हाथ में लिए बाथ रूम की ओर बढ़ गया। फिर मुझे ख़याल आया कनिका ऊपर अकेली है। कनिका की ओर ध्यान जाते ही मेरा लंड तो जैसे छलांगें ही लगाने लगा। मैं दौड़ कर छत पर चला आया।कनिका बेसुध हुई सोई थी। उसने पीले रंग की स्कर्ट पहन रखी थी और अपनी एक टांग मोड़े करवट लिए सोई थी। स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर उठी थी। उसकी पतली सी पेंटी में फ़सी उसकी चूत का चीरा तो साफ़ नजर आ रहा था। पेंटी उसकी चूत की दरार में घुसी हुई थी और चूत के छेद वाली जगह गीली हुई थी। उसकी गोरी गोरी मोटी जांघें देख कर तो मेरा जी करने लगा कि अभी उसकी कुलबुलाती चूत में अपना लंड डाल ही दूँ।मैं उसके पास बैठ गया। और उसकी जाँघों पर हाथ फेरने लगा। वाह..